
West Bengal में Ayushman Bharat: लाभार्थियों का चयन कैसे होगा?
- WTN News Network
- 17 अग॰
- 2 मिनट पठन
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) लागू हो चुकी है। किन लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा, इसे समझने के लिए सबसे अहम सवाल है कि लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन किस आधार पर किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत के लाभार्थी कैसे चुने जा रहे हैं?
राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देश के अनुसार, लाभार्थियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के डेटाबेस को स्रोत डेटाबेस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें अंत्योदय अन्न योजना (AAY), विशेष प्राथमिकता वाले परिवार (SPHH) और प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) के राशन कार्ड रिकॉर्ड की जांच शामिल है।
प्रारंभिक सूची बनने के बाद क्या होगा?
NFSA डेटाबेस से चिन्हित नामों का फील्ड स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। निर्धारित अधिकारी और फील्ड कर्मचारी परिवारों और उनकी पात्रता से जुड़ी जानकारी की जांच करेंगे। जिन लाभार्थियों का e-KYC लंबित है, पात्र पाए जाने पर सत्यापन के दौरान उनका e-KYC भी पूरा किया जाएगा।
NFSA डेटाबेस को आधार स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
AAY, SPHH और PHH राशन कार्ड रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
अधिकारी और फील्ड वर्कर घर-परिवार स्तर पर सत्यापन करेंगे।
पात्र लाभार्थियों का लंबित e-KYC पूरा किया जाएगा।
सत्यापन का परिणाम निर्धारित सरकारी सिस्टम में अपडेट किया जाएगा।
क्या राशन कार्ड होने से आयुष्मान कार्ड अपने-आप मिल जाएगा?
नहीं। स्रोत डेटाबेस में नाम होना और अंतिम रूप से योजना का लाभार्थी बनना एक ही बात नहीं है। सरकारी निर्देशों में फील्ड सत्यापन और पात्रता की पुष्टि जरूरी बताई गई है। इसलिए शुरुआती सूची में नाम होने को कवरेज की बिना शर्त गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
कितने परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम बंगाल में AB-PMJAY लागू होने से लगभग 1.43 करोड़ परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं। इसमें पात्र परिवारों के साथ वरिष्ठ नागरिकों और कुछ फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे समूह भी शामिल हैं। पात्र लाभार्थियों के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का अस्पताल में भर्ती उपचार कवर उपलब्ध है।
लोगों को क्या करना चाहिए?
जिन लोगों का विवरण संबंधित सरकारी डेटाबेस में है, उन्हें सत्यापन और e-KYC प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए तथा पहचान और परिवार से जुड़ी जानकारी सही होने की पुष्टि करनी चाहिए। अनौपचारिक सूचियों या सोशल मीडिया दावों के बजाय सरकारी सत्यापन प्रक्रिया को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
यह प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?
जून 2026 में पश्चिम बंगाल AB-PMJAY लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बना। इससे पहले राज्य में यह केंद्रीय योजना लागू नहीं थी। इसलिए लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन यह तय करने में अहम भूमिका निभाता है कि किसे योजना का लाभ मिलेगा।
पात्रता या सत्यापन को लेकर सरकार की नई गाइडलाइन जारी होने पर Rashtrix इस रिपोर्ट को अपडेट करेगा।




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