
WhatsApp पर उम्र सत्यापन का परीक्षण शुरू, DPDP कानून लागू होने से पहले मेटा का बड़ा कदम
- Rashtrix News Desk

- 9 अग॰
- 1 मिनट पठन
नई दिल्ली: भारत में सीमित यूज़र्स के लिए उम्र सत्यापन की एक सुविधा टेस्ट कर रहा है व्हाट्सएप, जिसमें यूज़र्स से जन्मतिथि बताने का अनुरोध किया जा रहा है। मूल कंपनी मेटा के अनुसार, यह देश के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के अनुपालन की तैयारी का हिस्सा है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले नियमों के अनुपालन के लिए उम्र की पुष्टि करने के 'गोपनीयता-सुरक्षित तरीके' टेस्ट किए जा रहे हैं। परीक्षण के इस चरण में यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है, जन्मतिथि न बताने पर भी व्हाट्सएप के इस्तेमाल में कोई रुकावट नहीं आएगी।
2023 में राष्ट्रपति की मंज़ूरी पाने वाला DPDP कानून चरणबद्ध तरीके से लागू हो रहा है, बच्चों के निजी डेटा से जुड़े प्रावधान 13 मई 2027 से लागू होंगे। कानून की धारा 9 के तहत, किसी यूज़र की उम्र 18 साल से कम है या नहीं, यह जांचने के बाद ही संबंधित प्लेटफॉर्म को अभिभावक की सहमति लेनी होगी।
मेटा ने कहा है कि यह जानकारी पूरी तरह निजी रहेगी, कोई भी अन्य यूज़र इसे नहीं देख पाएगा। भारत व्हाट्सएप का सबसे बड़ा बाज़ार है, जहां 60 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स हैं।

टिप्पणियां