नेपाल बाढ़ त्रासदी: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, सुरंग बचाव अभियान में भारत-चीन की मदद
- Rashtrix News Desk

- 5 दिन पहले
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नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में भीषण अचानक आई बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। मुश्किल इलाकों में बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारत और चीन विशेषज्ञ सहायता दे रहे हैं।

मौतों का आंकड़ा बढ़ा, हजारों अब भी लापता
बाढ़ और मलबे की तेज धार ने नेपाल के कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और अहम ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में मृतकों की संख्या 600 से ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि हजारों लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। दूरदराज के इलाकों तक बचाव दल पहुंचने के साथ आंकड़ों में बदलाव हो रहा है।
सुरंग बचाव अभियान में भारत-चीन की विशेषज्ञ मदद
नेपाल सरकार ने सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने, सर्वाइवर डिटेक्शन, संपर्क व्यवस्था बहाल करने और शवों की पहचान जैसे क्षेत्रों में पड़ोसी देशों से तकनीकी सहायता मांगी है। मलबे से भरी सुरंगों और जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे कर्मचारियों को बचाना अभियान की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।
मॉर्चरी में जगह की कमी, शवों की पहचान बड़ी चुनौती
बाढ़ में बह गए शव कई जिलों में दूर तक मिलने लगे हैं। इससे अलग-अलग जिलों के बीच शवों को ले जाने और अतिरिक्त सरकारी भवनों को अस्थायी मॉर्चरी के रूप में इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ रही है। बढ़ती संख्या के बीच मृतकों की पहचान करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
दूसरी बाढ़ के खतरे से बचाव अभियान मुश्किल
हिमालयी क्षेत्र में जमा पानी और मलबे के अस्थिर ढांचे से एक और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। खराब मौसम और नए जलप्रवाह की आशंका के कारण बचाव अभियान कई बार बाधित हुआ है। दुर्गम घाटियों और सुरंगों में काम कर रहे बचावकर्मियों के लिए जोखिम भी बढ़ गया है।
अब आगे क्या?
बचाव और तलाशी अभियान के साथ संभावित नई बाढ़ के खतरे पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञ बचाव तकनीक, राहत सामग्री, संपर्क व्यवस्था और फॉरेंसिक सहायता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समन्वय भी बढ़ाया जा रहा है।
स्थिति लगातार बदल रही है। दूरदराज के प्रभावित इलाकों तक पहुंच बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े संशोधित हो सकते हैं।



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