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पश्चिम बंगाल में 200 कर्मियों के साथ ‘अर्जुन वाहिनी’ शुरू, आपदा राहत पर फोकस

  • लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
    Rashtrix News Desk
  • 3 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आपदा और आपात स्थितियों के दौरान शुरुआती राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने के लिए मंगलवार को ‘अर्जुन वाहिनी’ की औपचारिक शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नवान्न सभागार में इस विशेष आपदा प्रतिक्रिया दल का उद्घाटन किया।

शुरुआत में इस बल में 200 कर्मी शामिल हैं, जिन्हें राज्य सैनिक बोर्ड के माध्यम से चुना गया है। ये सभी 40 वर्ष से कम उम्र के पूर्व सैन्यकर्मी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में अग्निवीरों को भी इस बल में शामिल किया जाएगा।

एनडीआरएफ की तर्ज पर विशेष बल

‘अर्जुन वाहिनी’ को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य आपदा के शुरुआती चरण में प्रशिक्षित कर्मियों को तेजी से प्रभावित इलाकों में पहुंचाकर राहत और बचाव अभियान शुरू करना है।

बल को खास तौर पर चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। कोलकाता के अलावा दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, गोसाबा और काकद्वीप में टीमों की तैनाती की योजना बताई गई है।

मानदेय और वित्तीय सुरक्षा

बल के सामान्य सदस्यों को ‘वीर’ और प्रमुख को ‘वीर नायक’ कहा जाएगा। ‘वीरों’ को हर महीने 25,000 रुपये और ‘वीर नायक’ को 40,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। हर साल मानदेय में करीब तीन प्रतिशत की वृद्धि होगी।

ड्यूटी के दौरान किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। स्थायी विकलांगता या गंभीर शारीरिक क्षति की स्थिति में 5 लाख रुपये की सहायता का भी प्रावधान बताया गया है।

आगे अग्निवीरों की भर्ती

राज्य सरकार भविष्य में अर्जुन वाहिनी का विस्तार करने की तैयारी में है। अग्निवीरों की भर्ती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, उपकरण और बेहतर ढांचे के जरिए बल की क्षमता बढ़ाने की योजना है।

यह पहल पश्चिम बंगाल में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक तेज, प्रशिक्षित और क्षेत्र-विशेष के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

 
 
 

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