बिहार छात्र आंदोलन: पटना में BPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन क्यों भड़का?
- Rashtrix News Desk

- 26 अग॰
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बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्र प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ गया। राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका और हालात संभालने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। छात्र 18 अगस्त से BPSC परीक्षा और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों की मुख्य आपत्तियां क्या हैं?
BPSC ने शिक्षक भर्ती के लिए नई परीक्षा व्यवस्था घोषित की है। प्रदर्शनकारी दो चरणों की परीक्षा और गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग का विरोध कर रहे हैं। वे 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं और पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं के आरोपों की जांच चाहते हैं।
एक टिप्पणी से क्यों बढ़ा विवाद?
BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी के बाद आंदोलन और तेज हो गया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में एक हिंदी कहावत का इस्तेमाल किया, जिसमें “कुत्ते” शब्द आया था। प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने इसे आंदोलनकारियों के लिए अपमानजनक माना। सिंह ने बाद में कहा कि उनका किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
पटना में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच डाकबंगला चौक के पास तनाव बढ़ा। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इसके बाद वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों की मांगें क्या हैं?
परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव, 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई, उम्र सीमा में छूट और बिहार के निवासियों को सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर देने जैसी मांगें सामने आई हैं। BPSC ने सोशल मीडिया पर वायरल कथित प्रश्नपत्र को फर्जी बताया है और कई आरोपों से इनकार किया है।
मामला अब परीक्षा सुधार, भर्ती नीति और छात्रों के असंतोष—तीनों से जुड़ गया है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे की बातचीत से आंदोलन की दिशा तय होने की उम्मीद है।



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