
वैश्विक कमर्शियल लॉन्च मार्केट में भारत की स्थिति मज़बूत हुई LVM3-M6 की सफलता से, संसद में बताई सरकार ने
- Rashtrix News Desk

- 15 अग॰
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नई दिल्ली: वैश्विक कमर्शियल लॉन्च मार्केट में भारत की स्थिति काफी मज़बूत हुई है इसरो के सफल LVM3-M6 मिशन के बाद, राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने।
इस मिशन में अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के 6,100 किलोग्राम वज़नी ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा (520 किमी) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया— भारतीय धरती से LVM3 रॉकेट द्वारा अब तक ले जाया गया सबसे भारी पेलोड, जो इसरो की व्यावसायिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए एक व्यावसायिक समझौते के तहत संचालित हुआ।
मंत्री ने बताया कि इस मिशन ने अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल लॉन्च सेवा बाज़ार में LVM3 को पसंदीदा रॉकेट के रूप में स्थापित किया है, जो भारत की तकनीकी क्षमता को साबित करने के साथ-साथ देश की भारी-पेलोड प्रक्षेपण क्षमता पर वैश्विक भरोसा भी बढ़ाता है।
AST स्पेसमोबाइल के अगली पीढ़ी के डायरेक्ट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नेटवर्क का हिस्सा ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह में है पृथ्वी की निचली कक्षा में अब तक स्थापित सबसे बड़ा वाणिज्यिक संचार एंटीना। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए रणनीतिक और तकनीकी लाभ के वास्ते अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग जारी रखने की बात भी कही केंद्र ने।


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