top of page

2000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट पर चार्ज? आम लोगों पर नहीं, सिर्फ बड़े व्यापारियों पर लगेगा: सीतारमण

  • लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
    Rashtrix News Desk
  • 8 अग॰
  • 1 मिनट पठन

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने संसद में 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026' पेश किया है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर सियासी बहस छिड़ गई है कि क्या डिजिटल पेमेंट अब मुफ्त नहीं रहेंगे।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश की आलोचना के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि यह शुल्क, अगर लागू हुआ, तो सिर्फ व्यापारियों पर लगेगा, UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहकों पर नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित शुल्क (करीब 0.25 से 0.4 प्रतिशत) सिर्फ बड़े व्यापारियों और तय सालाना टर्नओवर से ऊपर के कारोबार पर लागू होगा, जिसमें बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। छोटे लेनदेन और व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI ट्रांसफर इस दायरे से बाहर रहेंगे।

MDR लागू करने का अंतिम फैसला नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अध्यक्षता वाली UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी लेगी, और यह संसद में बिल पास होने के बाद ही लागू होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रस्ताव लागू होने पर भी करीब 95 प्रतिशत UPI लेनदेन इसके दायरे से बाहर रहेंगे।

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें
किम कार्दशियन का 'स्किम्स' अब भारत में, रिलायंस ब्रांड्स के साथ मिलकर हुई शुरुआत

किम कार्दशियन की सह-स्थापित मशहूर शेपवियर और लाउंजवियर ब्रांड 'स्किम्स' अब भारतीय बाज़ार में कदम रख रहा है, रिलायंस ब्रांड्स के साथ एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप के ज़रिए, पहले स्टोर खुलेंगे दिल्ली और मुंबई

 
 
 
वैश्विक कमर्शियल लॉन्च मार्केट में भारत की स्थिति मज़बूत हुई LVM3-M6 की सफलता से, संसद में बताई सरकार ने

भारतीय धरती से लॉन्च किए गए सबसे भारी पेलोड को ले जाने वाले इसरो के LVM3-M6 मिशन की सफलता ने वैश्विक कमर्शियल लॉन्च मार्केट में भारत के LVM3 रॉकेट पर भरोसा काफी बढ़ा दिया है, राज्यसभा में बताया केंद्र

 
 
 

टिप्पणियां


bottom of page