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चंद्रयान-3 की सफलता के दम पर अब नासा के मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता मिला इसरो को

  • लेखक की तस्वीर: Rashtrix News Desk
    Rashtrix News Desk
  • 15 अग॰
  • 1 मिनट पठन

नई दिल्ली: चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थायी मानव अड्डा स्थापित करने के लक्ष्य के साथ नासा के मून बेस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इसरो को औपचारिक निमंत्रण दिया अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने, भारत-अमेरिका अंतरिक्ष साझेदारी को और गहरा करते हुए।

चांद के ध्रुवीय क्षेत्रों के हमेशा अंधेरे में डूबे गड्ढों में छिपी बर्फ का इस्तेमाल करना है इस कार्यक्रम का लक्ष्य— जिसे तोड़कर पीने का पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन के लिए हाइड्रोजन हासिल किया जा सकता है, जिससे पृथ्वी से हर बूंद पानी ले जाने की भारी लागत काफी कम हो जाएगी।

अगस्त 2023 में चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरकर इतिहास रचा था भारत के चंद्रयान-3 ने, दुनिया के किसी भी देश के अंतरिक्षयान की इस मुश्किल क्षेत्र में यह पहली सफल लैंडिंग थी। तभी से दुनियाभर के चंद्र अभियानों का प्रमुख केंद्र बन गया है यह क्षेत्र।

वहीं अपने ग्रह अभियानों की योजना में भी आगे बढ़ रहा है इसरो, जिसमें शामिल हैं बहु-मॉड्यूल चंद्रयान-4 नमूना वापसी मिशन और शुक्र ग्रह के लिए शुक्रयान-1 मिशन, अंतरिक्ष में मानव भेजने की भावी योजनाओं की दिशा में आगे बढ़ते हुए।

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